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31 दिसंबर, 2010

राष्ट्रपति से बुद्धिजीवियों की अपील

बनारस के शिक्षकों,लेखकों,पत्रकारों,छात्रों,सांस्कृतिक और मानवाधिकार
 संगठनों के प्रतिनिधियों के द्वारा डा.बिनायक सेन के पक्ष में
 तैयार मजमून और हस्ताक्षर अभियान जारी है.बनारस और देश
 के बुद्धिजीवियों से अपील है कि इस अभियान में शामिल हों.
आनलाइन हस्ताक्षर आमंत्रित है.
  
महामहिम राष्ट्रपति
राष्ट्रपति भवन
नई दिल्ली.
  
हम प्रसिद्ध चिकित्सक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता डा. बिनायक सेन को रायपुर सेशन कोर्ट द्वारा देशद्रोह के आरोप में आजीवन कारावास की सजा से स्तब्ध हैं.      
हम भारतीय उच्चतम न्यायालय से अपील करते हैं कि वह भारतीय संविधान में उल्लेखित कानून
न्याय और अधिकारों की रक्षा करते हुए रायपुर कोर्ट के गलत निर्णय द्वारा न्यायपालिका की प्रतिष्ठा पर लगे धब्बे धोने का काम करेंगे.
डा. बिनायक सेन पर प्रतिबंधित माओवादियों को मदद पहुंचाने के कथित आरोपों की पुष्टि किसी भी गवाह द्वारा नहीं की गई और न ही उनके खिलाफ न्यायालय में पर्याप्त सबूत पेश किए गए. उलटे अभियोजन पक्ष द्वारा उनके खिलाफ प्रस्तुत किए गए फर्जी दस्तावेजों की लंबी फेहरिस्त है.


हम मानते हैं कि डा. बिनायक सेन के खिलाफ राष्ट्रद्रोह और काले आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत की गई कार्रवाई वास्तव में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आदिवासी जनता के मानवाधिकार हनन के विरुद्ध बोलने का दंड है.डा. सेन जो पहले ही ह्रदय रोग से ग्रस्त हैं, पहले भी मई २००७ से मई २००९ तक दो साल जेल में काट चुके हैं.


यदि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश आलोचना और अहिंसक मानवाधिकारों के लिए सक्रियता को बर्दाश्त नहीं कर पाता तो यह भारतीय नागरिकों के लिए शर्म की बात है और इस असंवेदनशील रवैए की भर्त्सना होनी चाहिए. हमारे न्यायालयो के फैसलों में सामान्य तौर पर जो निम्न स्तर का न्याय दिखाई देता है वह भारतीय लोकतंत्र के लिए एक खतरा है.
हम मांग करते हैं कि न केवल डा. सेन को तत्काल रिहा किया जाना चाहिए बल्कि उन सभी लोगों की जाँच होनी चाहिए जिन्होंने घृणित तरीके से उन्हें फंसाया.


 हम डा. सेन के लिए समुचित मुआवजे की भी मांग करते हैं क्योंकि उनके बुनियादी अधिकारों को छीना गया और उनके परिवार के सदस्यों को अमानवीय यंत्रणा से गुजरना पड़ा.
निवेदक-                                   आनलाइन हस्ताक्षर 
प्रशांत शुक्ल, बीएचयू                       शेखर मल्लिक,घाटशिला,झारखण्ड  
रामाज्ञा शशिधर,बीएचयू                     अशोक कुमार पांडेय,ग्वालियर 
कृष्णमोहन,बीएचयू                         अजीत कुमार आजाद ,पटना 
हर्षवर्धन राय,वाराणसी
राजकुमार, बीएचयू
चितरंजन सिंह,पीयूसीएल  
सदानंद शाही, बीएचयू
दीपक मल्लिक, बीएचयू
संजय श्रीवास्तव,महासचिव,यूपी प्रलेस
श्रीप्रकाश शुक्ल, बीएचयू
जयनारायण मिश्र,पत्रकार
सुरेश प्रताप,पत्रकार
अवधेश प्रधान, बीएचयू
सुनील सहश्र्बुद्धे
बिंदा परांजपे, बीएचयू
ताबीर कलाम,बीएचयू
प्रमोद बागडे,बीएचयू
कुसुम वर्मा
कवि आत्मा
एन के मिश्र,बीएचयू
ध्रुव कुमार,बीएचयू
इन्दिरिश अंसारी
एन एम् सलीम अंसारी
निरंजन सहाय,म.गां.काशी विद्यापीठ
अनुराग कुमार, म.गां.काशी विद्यापीठ
राजमुनि
मनीष क यादव
अनूप कुमार मिश्र
सरोज कुमार
प्रकाश उदय
निलेश कुमार
रामाश्रय सिंह यादव
झब्लू राम
रवीश कुमार सिंह
रविशंकर उपाध्याय
बृजराज
अभिषेक कुमार राय
राकेश
रंजना पाण्डेय
अनुज लुगुन
मनीष शर्मा,आइसा
वशिष्ठ अनूप,बीएचयू
बलराज पाण्डेय,बीएचयू
राजेश श्रीवास्तव
आशीष त्रिपाठी,बीएचयू
प्रभाकर सिंह,बीएचयू

5 टिप्‍पणियां:

शेखर मल्लिक ने कहा…

इस अभियान में मुझे भी शामिल समझें. यह एक जरूरी कदम है. मेरा नैतिक समर्थन और शुभकामनाएं आप सभी साथियों को.

ajit kumar azad ने कहा…

nirdosh ko saja dene ka riwaj kab tak chalta rahega...main iska virodh karta hun. apne abhiyaan me mujhe sath samjhen.

अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा…

मुझे भी शामिल कीजिये

giving comment blogspot.com ने कहा…

ham bhi satha hai ashok

giving comment blogspot.com ने कहा…

ham bhi satha hai ashok kumar BHU b.com 1year